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विदेश से लगा मोदी सरकार को बड़ा झटका, अब क्या करेंगे मोदी जी ?

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अमरीका की रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पुअर्स (एस एंड पी) ने मोदी सरकार को दिया झटका।

पिछले दिनों मोदी सरकार के लिए अच्छी खबर आई थी, लेकिन अब फिर से विदेश से खबर आई है जो मोदी सरकार को पसंद नहीं आने वाली। इस खबर से मोदी सरकार कोई सरोकार नहीं रखने वाली, क्योंकि खबर उनके पक्ष में नहीं है। अब इस एजेंसी पर ही सवाल खड़े कर दिए जाए तो आप लोगों के लिए गलत नहीं होगा क्योंकि भाजपा यहीं करती है। भक्त इसे देशद्रोही भी कह सकते है। एस एंड पी ने भारत की रेटिंग स्थिर रखी है। जिसपर भारत में बवाल तो कटेगा ही।

जहां मोदी सरकार एजेंसी से काफी उम्मीद लेकर चल रही थी। वहां इस एजेंसी ने भारत की रेटिंग में कोई बदलाव नहीं किया। एस एंड पी ने भारत को ‘BBB-A/3’ वेश्विक रेटिंग में रखा है।

भारत को थी ज्यादा उम्मीद

भारत की मोदी सरकार को इस बार अमरीका की रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पुअर्स से ज्यादा उम्मीद इसलिए भी थी क्योंकि हाल ही में मूडीज रेटिंग एजेंसी ने भारत की रेटिंग में इजाफा किया था। ऐसे में मोदी सरकार और लोगों को एस एंड पी से भी कुछ ऐसी ही उम्मीद थी, लेकिन एस एंड पी ने भारत की रेटिंग स्थिर रखी। जिससे मोदी सरकार को तगड़ा झटका लगा है।

विपक्ष को मिला मौका

इस एंजेसी द्वारा भारत की रेटिंग में इजाफा ना करना किसी को फायदा देने वाला है तो वो विपक्ष है। विपक्ष को बैठे बिठाए एक मुद्दा मिल गया है। चूंकि मूडीज की रेटिंग बाहर आने के बाद पूरा मोदी मंत्रालय मीडिया के सामने आ गया था सरकार की तारीफ करने। वहीं अब विपक्ष ये मुद्दा उठा सकता है कि सरकार की तरफ से इस रेटिंग पर कोई क्यों नहीं बोल रहा।

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अच्छी रेटिंग से क्या फायदा होगा?

स्टैंडर्ड एंड पुअर्स (एस एंड पी) में अगर रेटिंग सुधरती है तो विदेशी निवेशकों का भारत पर विश्वास और बढ़ेगा और विदेशी निवेशक खुलकर निवेश कर सकेंगे। घरेलू निवेशक भी पैसा लगाने के लिए प्रोत्साहित होंगे, रुपया और मजबूत हो जाएगा।

बता दे कि एस ऐंड पी ने पिछली बार जनवरी 2007 में भारत की रेटिंग रिवाइज करते हुए इसे बीबीबी निगेटिव रखा था। जिसे बॉन्ड्स के लिए सबसे निचले स्तर की इन्वेस्टमेंट ग्रेड रेटिंग माना जाता है। इसके बाद 2009 में एजेंसी ने आउटलुक को नकारात्मक श्रेणी में रखा, जो 2010 में स्थिर रहा। इसके बाद 2012 में आउटलुक को नकारात्मक किया, जो नरेंद्र मोदी सरकार के आने तक स्थिर रहा है। हालांकि इसकी रेटिंग में कोई बदलाव नहीं हुआ और यह बीबीबी निगेटिव ही रहा।

अब देखने वाली बात होगी कि विपक्ष इस मुद्दे को कैसे लेते है। एक बात तो है बेशक रेटिंग को स्थिर रखा गया है लेकिन सरकार ने जिस प्रकार से मूडीज रेटिंग पर हल्ला किया था। उस हिसाब से मोदी सरकार को इस रेटिंग पर भी जवाब देना चाहिए।

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