होम विचार इस लड़की के साथ SELFIE लेकर राहुल ने किया हिम्मत का काम, आप भी करेंगे राहुल को सलाम!

इस लड़की के साथ SELFIE लेकर राहुल ने किया हिम्मत का काम, आप भी करेंगे राहुल को सलाम!

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गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने कुछ ऐसा किया है जिसके लिए हिम्मत चाहिए।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी इन दिनों सुर्खियों में है। मोदी सरकार को राहुल गांधी लगातार आड़े हाथों ले रहे है। वो आम लोगों से लेकर सोशल मीडिया पर लोगों के पसंदीदा बन गए है। हाल ही में राहुल गांधी एक लड़की के साथ फोटो वायरल हुई, इस फोटो को शायद आपने भी देखा होगा। गुजरात में प्रचार के दौरान एक लड़की ने भीड़ में उनके साथ सेल्फी ली। अब इसमें क्या खास है, सेल्फी तो आजकल सब लेते है लेकिन आपको इसके लिए इतिहास में जाना होगा कि आखिर क्यों भीड़ से आई उस लड़की के साथ सेल्फी लेना राहुल गांधी के लिए हिम्मत का काम रहा है।

गांधी परिवार का इतिहास

गांधी परिवार की कुछ राजनीतिक दल काफी आलोचना करते है लेकिन जरा इतिहास में जाने की जरूरत है। राहुल गांधी ने इस परिवार में कितने लोगों को बेमौत मरते देखा है। चाचा संजय गांधी की दुर्घटना, फिर दादी इंदिरा गांधी की हत्या और फिर पापा राजीव गांधी का मर्डर।

राहुल ने जो किया उसके लिए हिम्मत चाहिए

1 नवंबर को राहुल गुजरात के भरूच में थे, जहां वो चुनाव के लिए प्रचार कर रहे थे। इस दौरान राहुल गांधी के करीब एक लड़की आई, 10वीं में पढ़ने वाली इस लड़की का नाम मंतशा है। उसको राहुल के साथ सेल्फी लेनी थी। राहुल ने उसका मन रखा और उसको अपनी गाड़ी पर चढ़ने में हाथ बढ़ाकर मदद की। लड़की ने नीचे खड़े एक इंसान से फूलों का गुलदस्ता मांगा। फिर हाथ में वो फूल लेकर राहुल के साथ सेल्फी ली। सेल्फी लेने के बाद लड़की गाड़ी से उतर गई।

राहुल के पिता की मौत का इतिहास

21 मई 1991 की वो तारीख, आंध्रप्रदेश में राजीव गांधी प्रचार में लगे हुए थे। फिर वो हवाई जाहज से चेन्नै पहुंचे। इस दौरान भी बहुत कुछ घटित हुआ जो अच्छे संकेत नहीं दे रहा था। चेन्नै पहुंचने के बाद राजीव गांधी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मिल रहे थे। वहीं एक लड़की थी, जो राजीव गांधी के पास आई और उन्हें चंदन की माला पहनाने लगी, राजीव ने भी माला पहन ली और फिर एक धमका हुआ। इतनी जोर का ब्लास्ट था कि आस-पास खड़े लोगों को लगा कि कान बहरे हो गए। उस ब्लास्ट में जिंदा बचे लोगों को आज भी वो धमाका याद है।

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धमाके में 15 लोग मरे, जिनमें राजीव भी थे

धमाके के बाद होना क्या था, सब खत्म हो चुका था। राजीव गांधी नहीं रहे थे, धमाका इतना बड़ा था कि उनके शरीर के कई हिस्से हो चुके थे। जब सोनिया गांधी को फोन पर मालूम चला, तो वो जोर-जोर से चीखने लगीं। उनको अस्थमा का अटैक आया। उस वक्त राहुल गांधी 17 साल के थे। राजनीति अलग चीज है लेकिन पिता की मौत और इतनी कड़वी यादें अलग जगह हैं। ऐसे में भी जब राहुल इतना सामान्य व्यवहार करते हैं, तो उनमें हिम्मत नजर आती है।

राहुल गांधी को सलाम

जब पिता के साथ ऐसा हुआ हो फिर भी राहुल गांधी ने भीड़ से एक लड़की को अपने इतने करीब आने दिया, ये हिम्मत की ही तो बात है। राजीव गांधी के साथ जो हुआ उसको याद कर के दुख होता है, अपने पिता को जिस प्रकार से राहुल गांधी ने खोया और फिर भी किसी को भीड़े से बिना जांच पड़ताल के आने दिया करीब। सच में राहुल गांधी को सलाम है। राहुल गांधी की राजनीति को लेकर सवाल खड़े होते है लेकिन उन जितनी हिम्मत तो किसी के पास नहीं है। खुद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इतने करीब जाना असंभव है ना वो किसी को अपने ऐसे करीब आने देंगे, लेकिन राहुल गांधी ने जो किया है उसकी तो तारीफ बनती है।

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